01-02-2020-Hin

"मीठे बच्चे - इस शरीर रूपी कपड़े को यहाँ ही छोड़ना है, इसलिए इससे ममत्व मिटा दो, कोई भी मित्र-सम्बन्धी याद न आये”

Q- जिन बच्चों में योगबल है, उनकी निशानी क्या होगी?

A- उन्हें किसी भी बात में थोड़ा भी धक्का नहीं आयेगा, कहाँ भी लगाव नहीं होगा। समझो आज किसी ने शरीर छोड़ा तो दु:ख नहीं हो सकता, क्योंकि जानते हैं इनका ड्रामा में इतना ही पार्ट था। आत्मा एक शरीर छोड़ जाए दूसरा शरीर लेगी।

D- 1) अपनी चाल चलन बहुत रॉयल रखनी है। बहुत फज़ीलत से बातचीत करनी है। नम्रता का गुण धारण करना है।-----2) इन आंखों से जो कुछ दिखाई देता है - यह सब कब्रदाखिल होना है इसलिए इसको देखते भी नहीं देखना है। एक शिवबाबा को ही याद करना है। किसी देहधारी को नहीं।

V- विशेषता रूपी संजीवनी बूटी द्वारा मूर्छित को सुरजीत करने वाले विशेष आत्मा भव-----हर आत्मा को श्रेष्ठ स्मृति की, विशेषताओं की स्मृति रूपी संजीवनी बूटी खिलाओ तो वह मूर्छित से सुरजीत हो जायेगी। विशेषताओं के स्वरूप का दर्पण उसके सामने रखो। दूसरों को स्मृति दिलाने से आप विशेष आत्मा बन ही जायेंगे। अगर आप किसी को कमजोरी सुनायेंगे तो वह छिपायेंगे, टाल देंगे आप विशेषता सुनाओ तो स्वयं ही अपनी कमजोरी स्पष्ट अनुभव करेंगे। इसी संजीवनी बूटी से मूर्छित को सुरजीत कर उड़ते चलो और उड़ाते चलो।

S- नाम-मान-शान व साधनों का संकल्प में भी त्याग ही महान त्याग है।