01-04-2019-Hin

''मीठे बच्चे - इन आंखों से जो कुछ देखते हो - यह सब ख़त्म हो जाना है, इसलिए इससे बेहद का वैराग्य, बाप तुम्हारे लिए नई दुनिया बना रहे हैं''

Q- तुम बच्चों की साइलेन्स में कौन-सा रहस्य समाया हुआ है?

A- जब तुम साइलेन्स में बैठते हो तो शान्तिधाम को याद करते हो। तुम जानते हो साइलेन्स माना जीते जी मरना। यहाँ बाप तुम्हें सद्गुरू के रूप में साइलेन्स रहना सिखलाते हैं। तुम साइलेन्स में रह अपने विकर्मों को दग्ध करते हो। तुम्हें ज्ञान है कि अब घर जाना है। दूसरे सतसंगों में शान्ति में बैठते हैं लेकिन उन्हें शान्तिधाम का ज्ञान नहीं है।

D- 1) सदा स्मृति रहे कि हम ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण हैं, हमारा सबसे ऊंच कुल है। हमें पवित्र बनना और बनाना है। पतित-पावन बाप का मददगार बनना है।-----2) याद में कभी ग़फलत नहीं करना है। देह-अभिमान के कारण ही माया याद में विघ्न डालती है इसलिए पहले देह-अभिमान को छोड़ना है। योग अग्नि द्वारा पाप नाश करने हैं।

V- माया के विकराल रूप के खेल को साक्षी होकर देखने वाले मायाजीत भव-----माया को वेलकम करने वाले उसके विकराल रूप को देखकर घबराते नहीं। साक्षी होकर खेल देखने से मजा आता है क्योंकि माया का बाहर से शेर का रूप है लेकिन उसमें ताकत बिल्ली जितनी भी नहीं है। सिर्फ आप घबराकर उसे बड़ा बना देते हो - क्या करूं..कैसे होगा...लेकिन यही पाठ याद रखो जो हो रहा है वो अच्छा और जो होने वाला है वो और अच्छा। साक्षी होकर खेल देखो तो मायाजीत बन जायेंगे।

S- जो सहनशील हैं वह किसी के भाव-स्वभाव में जलते नहीं, व्यर्थ बातों को एक कान से सुन दूसरे से निकाल देते हैं।