01-05-2022     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 13.12.90 "बापदादा"    मधुबन


तपस्या का फाउण्डेशन बेहद का वैराग्य
 


वरदान:-
यथार्थ याद द्वारा सर्व शक्ति सम्पन्न बनने वाले सदा शस्त्रधारी, कर्मयोगी भव

यथार्थ याद का अर्थ है सर्व शक्तियों से सदा सम्पन्न रहना। परिस्थिति रूपी दुश्मन आये और शस्त्र काम में नहीं आये तो शस्त्रधारी नहीं कहा जायेगा। हर कर्म में याद हो तब सफलता होगी। जैसे कर्म के बिना एक सेकण्ड भी नहीं रह सकते, वैसे कोई भी कर्म योग के बिना नहीं कर सकते, इसलिए कर्म-योगी, शस्त्रधारी बनो और समय पर सर्व शक्तियों को आर्डर प्रमाण यूज़ करो - तब कहेंगे यथार्थ योगी।

स्लोगन:-
जिनके संकल्प और कर्म महान हैं वही मास्टर सर्वशक्तिमान् हैं।