02-02-2020-Hin

भगवान के भाग्यवान बच्चों के लक्षण

V- सबको खुशखबरी सुनाने वाले खुशी के खजाने से भरपूर भण्डार भव------सदा अपने इस स्वरूप को सामने रखो कि हम खुशी के खजाने से भरपूर भण्डार हैं। जो भी अनगिनत और अविनाशी खजाने मिले हैं उन खजानों को स्मृति में लाओ। खजानों को स्मृति में लाने से खुशी होगी और जहाँ खुशी है वहाँ सदाकाल के लिए दु:ख दूर हो जाते हैं। खजानों की स्मृति से आत्मा समर्थ बन जाती है, व्यर्थ समाप्त हो जाता है। भरपूर आत्मा कभी हलचल में नहीं आती, वह स्वयं भी खुश रहती और दूसरों को भी खुशखबरी सुनाती है।

S- योग्य बनना है तो कर्म और योग का बैलेन्स रखो।