02-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - बाप आये हैं तुम बच्चों का श्रृंगार करने, सबसे अच्छा श्रृंगार है पवित्रता का''

Q- पूरे 84 जन्म लेने वालों की मुख्य निशानी क्या होगी?

A- 1. वह बाप के साथ-साथ टीचर और सतगुरू तीनों को याद करेंगे। ऐसे नहीं, बाप याद आये तो टीचर भूल जाए। जब तीनों को याद करें तब ही कृष्णपुरी में जा सकें अर्थात् आदि से पार्ट बजा सकें।2. उन्हें कभी भी माया के तूफान हरा नहीं सकते हैं।

D- 1) अपार खुशी में रहने के लिए सदा स्मृति रहे कि स्वयं बाप हमारा श्रृंगार कर रहे हैं, वह हमें अथाह धन देते हैं। हम नई दुनिया अमरपुरी के लिए पढ़ रहे हैं।-----2) विजयमाला में पिरोने के लिए निश्चयबुद्धि बन दैवीगुण धारण करने हैं। जो दिया उसे वापस लेने का संकल्प कभी न आये। संशयबुद्धि बन अपना पद नहीं गँवाना है।

V- विघ्नों को मनोरंजन का खेल समझ पार करने वाले निर्विघ्न, विजयी भव-----विघ्न आना यह अच्छी बात है लेकिन विघ्न हार न खिलाये। विघ्न आते ही हैं मजबूत बनाने के लिए, इसलिए विघ्नों से घबराने के बजाए उन्हें मनोरंजन का खेल समझ पार कर लो तब कहेंगे निर्विघ्न विजयी। जब सर्वशक्तिमान बाप का साथ है तो घबराने की कोई बात ही नहीं। सिर्फ बाप की याद और सेवा में बिजी रहो तो निर्विघ्न रहेंगे। जब बुद्धि फ्री होती है तब विघ्न वा माया आती है, बिजी रहो तो माया वा विघ्न किनारा कर लेंगे।

S- सुख के खाते को जमा करने के लिए मर्यादा-पूर्वक दिल से सबको सुख दो।