03.10.2020

"मीठे बच्चे - आत्मा रूपी बैटरी 84 मोटरों में जाने के कारण डल हो गई है, अब उसे याद की यात्रा से भरपूर करो''

प्रश्नः-

बाबा किन बच्चों को बहुत-बहुत भाग्यशाली समझते हैं?

उत्तर:-

जिनके पास कोई झंझट नहीं है, जो निर्बन्धन हैं, ऐसे बच्चों को बाबा कहते तुम बहुत-बहुत भाग्यशाली हो, तुम याद में रहकर अपनी बैटरी फुल चार्ज कर सकते हो। अगर योग नहीं सिर्फ ज्ञान सुनाते तो तीर लग नहीं सकता। भल कोई कितना भी भभके से अपना अनुभव सुनाये लेकिन खुद में धारणा नहीं तो दिल खाता रहेगा।

वरदान:-

अपने श्रेष्ठ जीवन द्वारा परमात्म ज्ञान का प्रत्यक्ष प्रूफ देने वाले माया प्रूफ भव

स्वयं को परमात्म ज्ञान का प्रत्यक्ष प्रमाण वा प्रूफ समझने से माया प्रूफ बन जायेंगे। प्रत्यक्ष प्रूफ है - आपकी श्रेष्ठ पवित्र जीवन। सबसे बड़ी असम्भव से सम्भव होने वाली बात प्रवृत्ति में रहते पर-वृत्ति में रहना। देह और देह की दुनिया के संबंधों से पर (न्यारा) रहना। पुराने शरीर की आंखों से पुरानी दुनिया की वस्तुओं को देखते हुए न देखना अर्थात् सम्पूर्ण पवित्र जीवन में चलना - यही परमात्मा को प्रत्यक्ष करने वा माया प्रूफ बनने का सहज साधन है।

स्लोगन:-

अटेन्शन रूपी पहरेदार ठीक हैं तो अतीन्द्रिय सुख का खजाना खो नहीं सकता।