04.02.2021

"मीठे बच्चे - यह कयामत का समय है, रावण ने सबको कब्रदाखिल कर दिया है, बाप आये हैं अमृत वर्षा कर साथ ले जाने''

प्रश्नः-

शिवबाबा को भोला भण्डारी भी कहा जाता है - क्यों?

उत्तर:-

क्योंकि शिव भोलानाथ जब आते हैं तो गणिकाओं, अहिल्याओं, कुब्जाओं का भी कल्याण कर उन्हें विश्व का मालिक बना देते हैं। आते भी देखो पतित दुनिया और पतित शरीर में हैं तो भोला हुआ ना। भोले बाप का डायरेक्शन है - मीठे बच्चे, अब अमृत पियो, विकारों रूपी विष को छोड़ दो।

वरदान:-

ड्रामा की ढाल को सामने रख खुशी की खुराक खाने वाले सदा शक्तिशाली भव

खुशी रूपी भोजन आत्मा को शक्तिशाली बना देता है, कहते भी हैं - खुशी जैसी खुराक नहीं। इसके लिए ड्रामा की ढाल को अच्छी तरह से कार्य में लगाओ। यदि सदा ड्रामा की स्मृति रहे तो कभी भी मुरझा नहीं सकते, खुशी गायब हो नहीं सकती क्योंकि यह ड्रामा कल्याणकारी है इसलिए अकल्याणकारी दृश्य में भी कल्याण समाया हुआ है, ऐसा समझ सदा खुश रहेंगे।

स्लोगन:-

परचिंतन और परदर्शन की धूल से दूर रहने वाले ही सच्चे अमूल्य हीरे हैं।