04.09.2020

''मीठे बच्चे - जब तुम फूल बनेंगे, तब यह भारत काँटों के जंगल से सम्पूर्ण फूलों का बगीचा बनेगा, बाबा आया है तुम्हें फूल बनाने''

प्रश्नः-

मन्दिर लायक बनने के लिए किन बातों पर विशेष ध्यान देना है?

उत्तर:-

मन्दिर लायक बनना है तो चलन पर विशेष ध्यान दो - चलन बहुत मीठी और रॉयल होनी चाहिए। इतना मीठापन हो जो दूसरों को उसकी महसूसता आये। अनेकों को बाप का परिचय दो। अपना कल्याण करने के लिए अच्छी रीति पुरुषार्थ कर सर्विस पर लगे रहो।

वरदान:-

स्वमान द्वारा अभिमान को समाप्त करने वाले सदा निर्मान भव

जो बच्चे स्वमान में रहते हैं उन्हें कभी भी अभिमान नहीं आ सकता, वे सदा निर्माप होते हैं। जितना बड़ा स्वमान उतना ही हाँ जी में निर्मान। छोटे बड़े, ज्ञानी-अज्ञानी, मायाजीत या माया-वश, गुणवान हो या कोई एक दो अवगुणवान भी हो अर्थात् गुणवान बनने का पुरूषार्थी हो लेकिन स्वमान वाले सभी को मान देने वाले दाता होते हैं अर्थात् स्वयं सम्पन्न होने के कारण सदा रहमदिल होते हैं।

स्लोगन:-

स्नेह ही सहज याद का साधन है इसलिए सदा स्नेही रहना और स्नेही बनाना।