04-09-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - अभी इस दुनिया का होपलेस केस है, सभी मर जायेंगे इसलिए इससे ममत्व मिटाओ, मामेकम् याद करो''

प्रश्नः-
सर्विस की उछल न आने का कारण क्या है?

उत्तर:-
1- अगर लक्षण ठीक नहीं हैं, बाप को याद नहीं करते तो सर्विस की उछल आ नहीं सकती। कोई न कोई उल्टे कर्म होते रहते हैं इसलिए सर्विस नहीं कर सकते। 2- बाप का जो पहला डायरेक्शन है - आप मुये मर गई दुनिया इसे अमल में नहीं लाते। बुद्धि देह और देह के सम्बन्धों में फँसी हुई है तो सर्विस कर नहीं सकते।

गीत:-
ओम् नमो शिवाए:...

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) जरा भी कोई बड़ा अथवा सूक्ष्म पाप न हो, इसका बहुत-बहुत ध्यान रखना है। कभी कोई चीज़ छिपाकर नहीं लेनी है। लोभ मोह से भी सावधान रहना है।

2) अशुद्ध अहंकार जो सत्यानाश करने वाला है, उसे त्याग देना है। एक बाप के सिवाए दूसरा कोई भी याद न पड़े, यही पुरुषार्थ करना है।

वरदान:-
सूक्ष्म संकल्पों के बंधन से भी मुक्त बन ऊंची स्टेज का अनुभव करने वाले निर्बन्धन भव

जो बच्चे जितना निर्बन्धन हैं उतना ऊंची स्टेज पर स्थित रह सकते हैं, इसलिए चेक करो कि मन्सा-वाचा व कर्मणा में कोई सूक्ष्म में भी धागा जुटा हुआ तो नहीं है! एक बाप के सिवाए और कोई याद न आये। अपनी देह भी याद आई तो देह के साथ देह के संबंध, पदार्थ, दुनिया सब एक के पीछे आ जायेंगे। मैं निर्बन्धन हूँ - इस वरदान को स्मृति में रख सारी दुनिया को माया की जाल से मुक्त करने की सेवा करो।

स्लोगन:-
देही-अभिमानी स्थिति द्वारा तन और मन की हलचल को समाप्त करने वाले ही अचल रहते हैं।