04-12-2019-Hin

“मीठे बच्चे - सारा मदार कर्मों पर है, सदा ध्यान रहे कि माया के वशीभूत कोई उल्टा कर्म न हो जिसकी सजा खानी पड़े''

Q- बाप की नज़र में सबसे अधिक बुद्धिवान कौन हैं?

A- जिनमें पवित्रता की धारणा है वही बुद्धिवान हैं और जो पतित हैं वह बुद्धिहीन हैं। लक्ष्मी-नारायण को सबसे अधिक बुद्धिवान कहेंगे। तुम बच्चे अभी बुद्धिवान बन रहे हो। पवित्रता ही सबसे मुख्य है इसलिए बाप सावधान करते हैं-बच्चे यह आंखे धोखा न दें, इनसे सम्भाल करना। इस पुरानी दुनिया को देखते हुए भी न देखो। नई दुनिया स्वर्ग को याद करो।

D- 1) बाप के साथ सदा सच्चा रहना है। अभी कोई भी भूल हो जाए तो छिपाना नहीं है। आंखे कभी क्रिमिनल न हो - इसकी सम्भाल करनी है।-----2) सदा शुद्ध नशा रहे कि बेहद का बाप हमें पतित छी-छी से गुलगुल, कांटों से फूल बना रहे हैं। अभी हमें बाप का हाथ मिला है, जिसके सहारे हम विषय वैतरणी नदी पार हो जायेंगे।

V- ब्राह्मण जीवन में बाप द्वारा लाइट का ताज प्राप्त करने वाली महान भाग्यवान आत्मा भव------संगमयुगी ब्राह्मण जीवन की विशेषता “पवित्रता'' है। पवित्रता की निशानी - लाइट का ताज है जो हर ब्राह्मण आत्मा को बाप द्वारा प्राप्त होता है। पवित्रता की लाइट का यह ताज उस रत्न-जड़ित ताज से अति श्रेष्ठ है। महान आत्मा, परमात्म भाग्यवान आत्मा, ऊंचे से ऊंची आत्मा की यह ताज निशानी है। बापदादा हर एक बच्चे को जन्म से “पवित्र भव'' का वरदान देते हैं, जिसका सूचक लाइट का ताज है।

S- बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा इच्छाओं के वश परेशान आत्माओं की परेशानी दूर करो।