05-04-2019-Hin

''मीठे बच्चे - बाप का प्यार तो सभी बच्चों से है लेकिन जो बाप की राय को फौरन मान लेते हैं, उनकी कशिश होती है। गुणवान बच्चे प्यार खींचते हैं''

Q- बाप ने कौन-सा कॉन्ट्रैक्ट उठाया है?

A- सभी को गुलगुल (फूल) बनाकर वापस ले जाने का कॉन्ट्रैक्ट (ठेका) एक बाप का है। बाप जैसा कॉन्ट्रैक्टर दुनिया में और कोई नहीं। वही सर्व की सद्गति करने आते हैं। बाप सर्विस के बिगर रह नहीं सकते। तो बच्चों को भी सर्विस का सबूत देना है। सुना-अनसुना नहीं करना है।

D- 1) रोज रात में पोतामेल देखना है कि अति मीठे बाबा को सारे दिन में कितना याद किया? अपना शो करने के लिए पोतामेल नहीं रखना है, गुप्त पुरुषार्थ करना है।-----2) बाप जो सुनाते हैं, उस पर विचार सागर मंथन करना है, सर्विस का सबूत देना है। सुना अनसुना नहीं करना है। अन्दर कोई भी आसुरी अवगुण है तो उसे चेक करके निकालना है।

V- स्वार्थ, ईर्ष्या और चिड़चिड़पने से मुक्त रहने वाले क्रोधमुक्त भव-----कोई भी विचार भले दो, सेवा के लिए स्वयं को आफर करो। लेकिन विचार के पीछे उस विचार को इच्छा के रूप में बदली नहीं करो। जब संकल्प इच्छा के रूप में बदलता है तब चिड़चिड़ापन आता है। लेकिन निस्वार्थ होकर विचार दो, स्वार्थ रखकर नहीं। मैने कहा तो होना ही चाहिए - यह नहीं सोचो, आफर करो, क्यों क्या में नहीं आओ, नहीं तो ईर्ष्या-घृणा एक एक साथी आते हैं। स्वार्थ या ईर्ष्या के कारण भी क्रोध पैदा होता है, अब इससे भी मुक्त बनो।

S- शान्ति दूत बन सबको शान्ति देना - यही आपका आक्यूपेशन है।