05.11.2020

"मीठे बच्चे - बाप आये हैं तुम बच्चों को शान्ति और सुख का वर्सा देने, तुम्हारा स्वधर्म ही शान्त है, इसलिए तुम शान्ति के लिए भटकते नहीं हो।''

प्रश्नः-

अभी तुम बच्चे 21 जन्मों के लिए अखुट खजानों में वज़न करने योग्य बनते हो - क्यों?

उत्तर:-

क्योंकि बाप जब नई सृष्टि रचते हैं, तब तुम बच्चे उनके मददगार बनते हो। अपना सब कुछ उनके कार्य में सफल करते हो इसलिए बाप उसके रिटर्न में 21 जन्मों के लिए तुम्हें अखुट खजानों में ऐसा वज़न करते हैं जो कभी धन भी नहीं खुटता, दु:ख भी नहीं आता, अकाले मृत्यु भी नहीं होती।

वरदान:-

माया के रॉयल रूप के बन्धनों से मुक्त, विश्व जीत, जगतजीत भव

मेरा पुरूषार्थ, मेरी इन्वेन्शन, मेरी सर्विस, मेरी टचिंग, मेरे गुण अच्छे हैं, मेरी निर्णय शक्ति बहुत अच्छी है, यह मेरा पन ही रॉयल माया का रूप है। माया ऐसा जादू मंत्र कर देती है जो तेरे को भी मेरा बना देती है इसलिए अब ऐसे अनेक बन्धनों से मुक्त बन एक बाप के सम्बन्ध में आ जाओ तो मायाजीत बन जायेंगे। माया जीत ही प्रकृति जीत, विश्व जीत व जगतजीत बनते हैं। वही एक सेकण्ड के अशरीरी भव के डायरेक्शन को सहज और स्वत: कार्य में लगा सकते हैं।

स्लोगन:-

विश्व परिवर्तक वही है जो किसी के निगेटिव को पॉजिटिव में बदल दे।