06.02.2021

'मीठे बच्चे - तुम महावीर हो, तुम्हें माया के तूफानों से डरना नहीं है, एक बाप के सिवाए और कोई भी परवाह न कर पवित्र जरूर बनना है"

प्रश्नः-

बच्चों में कौन सी हिम्मत बनी रहे तो बहुत ऊंच पद पा सकते हैं?

उत्तर:-

श्रीमत पर चलकर पवित्र बनने की। भल कितने भी हंगामें हो, सितम सहन करने पड़े लेकिन बाप ने जो पवित्र बनने की श्रेष्ठ मत दी है उस पर निरन्तर चलते रहें तो बहुत ऊंच पद पा सकते हैं। किसी भी बात में डरना नहीं है, कुछ भी होता है - नथिंग न्यु।

वरदान:-

सदा रहम और कल्याण की दृष्टि से विश्व की सेवा करने वाले विश्व परिवर्तक भव

विश्व परिवर्तक वा विश्व सेवाधारी आत्माओं का मुख्य लक्षण है-अपने रहम और कल्याण की दृष्टि द्वारा विश्व को सम्पन्न व सुखी बनाना। जो अप्राप्त वस्तु है, ईश्वरीय सुख, शान्ति और ज्ञान के धन से, सर्व शक्तियों से सर्व आत्माओं को भिखारी से अधिकारी बनाना। ऐसे सेवाधारी अपना हर सेकण्ड, बोल और कर्म, सम्बन्ध, सम्पर्क सेवा में ही लगाते हैं। उनके देखने, चलने, खाने सबमें सेवा समाई हुई रहती है।

स्लोगन:-

मान, शान का त्याग कर अपने समय को बेहद सेवा में सफल करना ही परोपकारी बनना है।