06-04-2019-Hin

''मीठे बच्चे - बाबा 21 जन्म के लिए तुम्हारी दिल ऐसी बहला देते हैं जो तुम्हें दिल बहलाने के लिए मेले-मलाखड़े आदि में जाने की दरकार नहीं''

Q- जो बच्चे अभी बाप के मददगार बनते हैं उनके लिए कौन-सी गैरन्टी है?

A- श्रीमत पर राजधानी स्थापन करने में मददगार बनने वाले बच्चों के लिए गैरन्टी है कि उन्हें कभी काल नहीं खा सकता। सतयुगी राजधानी में कभी अकाले मृत्यु नहीं हो सकती है। मददगार बच्चों को बाप द्वारा ऐसी प्राइज़ मिल जाती है जो 21 पीढ़ी तक अमर बन जाते हैं।

D- 1) डेड साइलेन्स की ड्रिल करने के लिये यहाँ जो कुछ इन आंखों से दिखाई देता है, उसे नहीं देखना है। देह सहित बुद्धि से सबका त्याग कर अपने घर और राज्य की स्मृति में रहना है।-----2) अपने कैरेक्टर्स का रजिस्टर रखना है। पढ़ाई में कोई ग़फलत नहीं करनी है। इस पुरूषोत्तम संगमयुग पर पुरूषोत्तम बनना और बनाना है।

V- बाप के फरमान पर बुद्धि को खाली रखने वाले व्यर्थ वा विकारी स्वप्नों से भी मुक्त भव-----बाप का फरमान है कि सोते समय सदा अपने बुद्धि को क्लीयर करो, चाहे अच्छा, चाहे बुरा सब बाप के हवाले कर अपनी बुद्धि को खाली करो। बाप को देकर बाप के साथ सो जाओ। अकेले नहीं। अकेले सोते हो या व्यर्थ बातों का वर्णन करते-करते सोते हो तब व्यर्थ वा विकारी स्वप्न आते हैं। यह भी अलबेलापन है। इस अलबेलेपन को छोड़ फरमान पर चलो तो व्यर्थ वा विकारी स्वप्नों से मुक्त हो जायेंगे।

S- तकदीवान आत्मायें ही सच्ची सेवा द्वारा सर्व की आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।