07.01.2021

"मीठे बच्चे - जब यह भारत स्वर्ग था तब तुम घोर सोझरे में थे, अभी अन्धियारा है, फिर सोझरे में चलो''

प्रश्नः-

बाप अपने बच्चों को कौन सी एक कहानी सुनाने आये हैं?

उत्तर:-

बाबा कहते मीठे बच्चे - मैं तुम्हें 84 जन्मों की कहानी सुनाता हूँ। तुम जब पहले-पहले जन्म में थे तो एक ही दैवी धर्म था फिर तुमने ही दो युग के बाद बड़े-बड़े मन्दिर बनाये हैं। भक्ति शुरू की है। अभी तुम्हारा यह अन्त के भी अन्त का जन्म है। तुमने पुकारा दु:ख हर्ता सुख कर्ता आओ.... अब मैं आया हूँ।

वरदान:-

विश्व परिवर्तन के श्रेष्ठ कार्य की जिम्मेवारी निभाते हुए डबल लाइट रहने वाले आधारमूर्त भव

जो आधारमूर्त होते हैं उनके ऊपर ही सारी जिम्मेवारी रहती है। अभी आप जिस रूप से, जहाँ भी कदम उठायेंगे वैसे अनेक आत्मायें आपको फालो करेंगी, यह जिम्मेवारी है। लेकिन यह जिम्मेवारी अवस्था को बनाने में बहुत मदद करती है क्योंकि इससे अनेक आत्माओं की आशीर्वाद मिलती है, जिस कारण जिम्मेवारी हल्की हो जाती है, यह जिम्मेवारी थकावट मिटाने वाली है।

स्लोगन:-

दिल और दिमाग दोनों का बैलेन्स रख सेवा करने से सफलता मिलती है।