07.09.2020

''मीठे बच्चे - बाप आये हैं तुम पुराने भक्तों को भक्ति का फल देने। भक्ति का फल है ज्ञान, जिससे ही तुम्हारी सद्गति होती है''

प्रश्नः-

कई बच्चे चलते-चलते तकदीर को आपेही शूट करते हैं कैसे?

उत्तर:-

अगर बाप का बनकर सर्विस नहीं करते, अपने पर और दूसरों पर रहम नहीं करते तो वह अपनी तकदीर को शूट करते हैं अर्थात् पद भ्रष्ट हो जाते हैं। अच्छी रीति पढ़ें, योग में रहें तो पद भी अच्छा मिले। सर्विसएबुल बच्चों को तो सर्विस का बहुत शौक होना चाहिए।

वरदान:-

संकल्प और बोल के विस्तार को सार में लाने वाले अन्तर्मुखी भव

व्यर्थ संकल्पों के विस्तार को समेट कर सार रूप में स्थित होना तथा मुख के आवाज के व्यर्थ को समेट कर समर्थ अर्थात् सार रूप में ले आना-यही है अन्तर्मुखता। ऐसे अन्तर्मुखी बच्चे ही साइलेन्स की शक्ति द्वारा भटकती हुई आत्माओं को सही ठिकाना दिखा सकते हैं। यह साइलेन्स की शक्ति अनेक रूहानी रंगत दिखाती है। साइलेन्स की शक्ति से हर आत्मा के मन का आवाज इतना समीप सुनाई देता है जैसे कोई सम्मुख बोल रहा है।

स्लोगन:-

स्वभाव, संस्कार, सम्बन्ध, सम्पर्क में लाइट रहना अर्थात् फरिश्ता बनना।