07-09-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - तुम गॉड फादरली स्टूडेन्ट हो, तुम्हें सच्चा-सच्चा रूप-बसन्त बन अपने मुख से सदैव ज्ञान रत्न ही निकालने हैं,''

प्रश्नः-
बाबा बच्चों को सुरजीत करने के लए कौन सी संजीवनी बूटी देते हैं?

उत्तर:-
मनमनाभव अर्थात् बाप को याद करो। नशा रहे - परमात्मा द्वारा हम देवता बनने के लिए अथवा राज्य पद पाने के लिए यह पढ़ाई पढ़ रहे हैं। यह स्मृति ही संजीवनी बूटी है, जो सुरजीत कर देती है। उनकी अवस्था कभी मुरझा नहीं सकती। वे सदा अपनी जांच करते दूसरों को भी सावधान करते रहेंगे।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) अपना और दूसरों का कल्याण करना है। अंधों की लाठी बनना है। कभी कोई उल्टी बातें सुनायें तो उनसे सावधान रहना है।

2) मन्सा-वाचा-कर्मणा पवित्र बनना है। हम स्टूडेन्ट हैं, भगवान हमें देवता बनने की पढ़ाई पढ़ा रहे हैं, इसी खुशी में रहना है।

वरदान:-
पावरफुल दर्पण द्वारा सभी को स्वयं का साक्षात्कार कराने वाले साक्षात्कारमूर्त भव

जैसे दर्पण के आगे जो भी जाता है, उसे स्वयं का स्पष्ट साक्षात्कार हो जाता है। लेकिन अगर दर्पण पावरफुल नहीं तो रीयल रूप के बजाए और रूप दिखाई देता है। होगा पतला दिखाई देगा मोटा, इसलिए आप ऐसे पावरफुल दर्पण बन जाओ, जो सभी को स्वयं का साक्षात्कार करा सको अर्थात् आपके सामने आते ही देह को भूल अपने देही रूप में स्थित हो जायें - वास्तविक सर्विस यह है, इसी से जय-जयकार होगी।

स्लोगन:-
शिक्षाओं को स्वरूप में लाने वाले ही ज्ञान स्वरूप, प्रेम स्वरूप आत्मा हैं।