07.10.2020

"मीठे बच्चे - आत्म-अभिमानी होकर बैठो, अन्दर घोटते रहो - मैं आत्मा हूँ.... देही-अभिमानी बनो, सच्चा चार्ट रखो तो समझदार बनते जायेंगे, बहुत फायदा होगा''

प्रश्नः-

बेहद के नाटक को समझने वाले बच्चे किस एक लॉ (नियम) को अच्छी रीति समझते हैं?

उत्तर:-

यह अविनाशी नाटक हैं, इसमें हर एक पार्टधारी को पार्ट बजाने अपने समय पर आना ही है। कोई कहे हम सदा शान्तिधाम में ही बैठ जाएं - तो यह लॉ नहीं है। उसे तो पार्टधारी ही नहीं कहेंगे। यह बेहद की बातें बेहद का बाप ही तुम्हें सुनाते हैं।

वरदान:-

विघ्न प्रूफ चमकीली फरिश्ता ड्रेस धारण करने वाले सदा विघ्न-विनाशक भव

स्व के प्रति और सर्व के प्रति सदा विघ्न विनाशक बनने के लिए क्वेश्चन मार्क को विदाई देना और फुल स्टॉप द्वारा सर्व शक्तियों का फुल स्टॉक करना। सदा विघ्न प्रूफ चमकीली फरिश्ता ड्रेस पहनकर रखना, मिट्टी की ड्रेस नहीं पहनना। साथ-साथ सर्व गुणों के गहनों से सजे रहना। सदा अष्ट शक्ति शस्त्रधारी सम्पन्न मूर्ति बनकर रहना और कमल पुष्प के आसन पर अपने श्रेष्ठ जीवन के पांव रखना।

स्लोगन:-

अभ्यास पर पूरा-पूरा अटेन्शन दो तो फर्स्ट डिवीजन में नम्बर आ जायेगा।