08-03-2019-Hin

“मीठे बच्चे - विचार सागर मंथन कर एक ऐसी टॉपिक निकालो जो सब जगह एक ही टॉपिक पर भाषण चले, यही है तुम्हारी युनिटी''

Q- कौन-सी मेहनत करते-करते तुम बच्चे पास विद् ऑनर हो सकते हो?

A- कर्म-बन्धन से अतीत बनो। जब किसी से बात करते हो तो आत्मा भाई समझ भाई को देखो। बाप से सुनते हो तो भी बाप को भृकुटी में देखो। भाई-भाई की दृष्टि से वह स्नेह और सम्बन्ध पक्का हो जायेगा। यही मेहनत का काम है, इससे ही पास विद् आनर बनेंगे। ऊंच पद पाने वाले बच्चे यह पुरूषार्थ अवश्य करेंगे।

D- 1) सदा नशा रहे कि हम संगमयुगी ब्राह्मण देवताओं से भी ऊंच हैं क्योंकि अभी हम ईश्वरीय औलाद हैं, हम मास्टर ज्ञान सागर हैं। सभी खूबियां इस समय हमारे में भर रही हैं।------2) जो बाप समझाते हैं वही बुद्धि में रखना है, बाकी कुछ भी सुनते हुए न सुनो, देखते हुए न देखो। हियर नो ईविल, सी नो ईविल...

V- माया की छाया से निकल याद की छत्रछाया में रहने वाले बेफिक्र बादशाह भव-----जो सदा बाप के याद की छत्रछाया के नीचे रहते हैं वो स्वयं को सदा सेफ अनुभव करते हैं। माया की छाया से बचने का साधन है बाप की छत्रछाया। छत्रछाया में रहने वाले सदा बेफिक्र बादशाह होंगे। अगर कोई फिक्र है तो खुशी गुम हो जाती है। खुशी गुम हुई, कमजोर हुए तो माया की छाया का प्रभाव पड़ जाता है क्योंकि कमजोरी ही माया का आह्वान करती है। माया की छाया स्वप्न में भी पड़ गई तो बहुत परेशान कर देगी इसलिए सदा छत्रछाया के नीचे रहो।

S- समझ के स्क्रू ड्राइवर से अलबेलेपन के लूज़ स्क्रू को टाईट कर सदा अलर्ट रहो।