08-11-2020-Hin

ईश्वरीय स्नेह - जीवन परिवर्तन का फाउण्डेशन है

V- नॉलेजफुल की विशेषता द्वारा संस्कारों के टक्कर से बचने वाले कमल पुष्प समान न्यारे व साक्षी भव --- संस्कार तो अन्त तक किसी के दासी के रहेंगे, किसी के राजा के। संस्कार बदल जाएं यह इन्तजार नहीं करो। लेकिन मेरे ऊपर किसी का प्रभाव न हो क्योंकि एक तो हर एक के संस्कार भिन्न हैं, दूसरा माया का भी रूप बनकर आते हैं इसलिए कोई भी बात का फैंसला मर्यादा की लकीर के अन्दर रहकर करो, भिन्न-भिन्न संस्कार होते हुए भी टक्कर न हो इसके लिए नॉलेजफुल बन कमल पुष्प समान न्यारे व साक्षी रहो।

S- हठ वा मेहनत करने के बजाए रमणीकता से पुरूषार्थ करो।