09-02-2019-Hin

"मीठे बच्चे - तुम्हें तन-मन-धन से सच्ची रूहानी सेवा करनी है, रूहानी सेवा से ही भारत गोल्डन एज बन जायेगा''

Q- बेफिक्र रहने के लिए सदा कौन-सी बात याद रखो? तुम बेफिक्र कब रह सकेंगे?

A- बेफिक्र रहने के लिए सदा याद रहे कि यह ड्रामा बिल्कुल एक्यूरेट बना हुआ है। जो भी ड्रामा अनुसार चल रहा है यह बिल्कुल एक्यूरेट है। परन्तु अभी तुम बच्चे बेफिक्र रह नहीं सकते, जब तुम्हारी कर्मातीत अवस्था हो, तब तुम बेफिक्र बनेंगे, इसके लिए योग बहुत अच्छा चाहिए। योगी और ज्ञानी बच्चे छिप नहीं सकते।

D- 1) माया की बॉक्सिंग में हार नहीं खानी है। पुरुषार्थ में ठण्डा हो बैठ नहीं जाना है। हिम्मत रख सेवा करनी है।-----2) यह ड्रामा एक्यूरेट बना हुआ है, इसलिए किसी भी बात का फिक्र नहीं करना है। कर्मातीत अवस्था को पाने के लिए एक बाप की याद में रहना है, किसी देहधारी का मुरीद नहीं बनना है।

V- बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा सर्व लगावों से मुक्त रहने वाले सच्चे राजऋषि भव-----राजऋषि अर्थात् एक तरफ राज्य दूसरे तरफ ऋषि अर्थात् बेहद के वैरागी। अगर कहाँ भी चाहे अपने में, चाहे व्यक्ति में, चाहे वस्तु में कहाँ भी लगाव है तो राजऋषि नहीं। जिसका संकल्प मात्र भी थोड़ा लगाव है उसके दो नांव में पांव हुए, फिर न यहाँ के रहेंगे न वहाँ के, इसलिए राजऋषि बनो, बेहद के वैरागी बनो अर्थात् एक बाप दूसरा न कोई - यह पाठ पक्का करो।

S- क्रोध अग्नि रूप है जो खुद को भी जलाता और दूसरों को भी जला देता है।