09-03-2019-Hin

“मीठे बच्चे - घड़ी-घड़ी बाप और वर्से को याद करो, बाप रूहानी सर्जन तुम्हें निरोगी बनने की एक ही दवा बताते - बच्चे, मुझे याद करो''

Q- अपने आपसे कौन-सी बातें करो तो बहुत मजा आयेगा?

A- अपने आपसे बातें करो - इन आंखों से जो कुछ देखते हैं यह तो सब खत्म हो जाना है। बस, हम और बाबा ही रहेंगे। मीठा बाबा हमको स्वर्ग का मालिक बना देते हैं। ऐसी-ऐसी बातें करो। एकान्त में चले जाओ तो बहुत मजा आयेगा।

D- 1) एकान्त में बैठ बाप को याद कर कमाई जमा करनी है। अपने अन्दर चेक करना है - याद के समय मन भागता तो नहीं है? हम कितना समय स्वीट बाप को याद करते हैं?-----2) सदा इसी खुशी में रहना है कि हमें बाबा ने रावण के पिंजड़े से मुक्त कर दिया, अभी हम ऐसी दुनिया में जा रहे हैं जहाँ न गर्मी है, न सर्दी। जहाँ सदा ही बसन्त ऋतु है।

V- रूहानी नशे द्वारा पुरानी दुनिया को भूलने वाले स्वराज्य सो विश्व राज्य अधिकारी भव-----संगमयुग पर जो बाप के वर्से के अधिकारी हैं वही स्वराज्य और विश्व राज्य अधिकारी बनते हैं। आज स्वराज्य है कल विश्व का राज्य होगा। आज कल की बात है, ऐसी अधिकारी आत्मा रूहानी नशे में रहती है और नशा पुरानी दुनिया सहज भुला देता है। अधिकारी कभी कोई वस्तु के, व्यक्ति के, संस्कार के अधीन नहीं हो सकते। उन्हें हद की बातें छोड़नी नहीं पड़ती, स्वत: छूट जाती हैं।

S- हर सेकेण्ड, हर श्वाँस, हर खजाने को सफल करने वाले ही सफलतामूर्त बनते हैं।