09-04-2019-Hin

''मीठे बच्चे - तुम्हें सतोप्रधान बनना है तो बाप को प्यार से याद करो, पारसनाथ शिवबाबा तुम्हें पारसपुरी का मालिक बनाने आये हैं''

Q- तुम बच्चे किस एक बात की धारणा से ही महिमा योग्य बन जायेंगे?

A- बहुत-बहुत निर्माण-चित बनो। किसी भी बात का अहंकार नहीं होना चाहिए। बहुत मीठा बनना है। अहंकार आया तो दुश्मन बन जाते हैं। ऊंच अथवा नींच, पवित्रता की बात पर बनते हैं। जब पवित्र हैं तो मान है, अपवित्र हैं तो सबको माथा टेकते हैं।

D- 1) सर्विस की युक्ति सीखकर बहुत-बहुत होशियार और चमत्कारी बनना है। धारणा कर फिर दूसरों को करानी है। पढ़ाई से अपनी तकदीर आपेही बनानी है।-----2) किसी भी बात में जरा भी अहंकार नहीं दिखाना है, बहुत-बहुत मीठा और निर्माणचित बनना है। माया रूपी ग्राह से अपनी सम्भाल करनी है।

V- समय प्रमाण हर कार्य में सफल होने वाले ज्ञानी योगी तू आत्मा भव-----ज्ञान का अर्थ है समझ। समझदार उसे कहा जाता है जो समय प्रमाण समझदारी से कार्य करते हुए सफलता को प्राप्त करे। समझदार की निशानी है वह कभी धोखा नहीं खा सकते। और योगी की निशानी है क्लीन और क्लीयर बुद्धि। जिसकी बुद्धि क्लीन और क्लीयर है वह कभी नहीं कहेगा कि पता नहीं ऐसा क्यों हो गया! यह शब्द ज्ञानी और योगी आत्मायें नहीं बोल सकती, वे ज्ञान और योग को हर कर्म में लाती हैं।

S- अचल-अडोल वही रहते जो अपने आदि अनादि संस्कार-स्वभाव को स्मृति में रखते हैं।