09.04.2021

"मीठे बच्चे - बाप समान लवली बनने के लिए अपने को आत्मा बिन्दु समझ बिन्दु बाप को याद करो''

प्रश्नः-

याद में रहने की गुप्त हड्डी मेहनत हर एक बच्चे को करनी है - क्यों?

उत्तर:-

क्योंकि याद के बिगर आत्मा, पाप आत्मा से पुण्य आत्मा नहीं बन सकती। जब गुप्त याद में रहे, देही-अभिमानी बनें, तब विकर्म विनाश हों। धर्मराज की सजाओं से बचने का साधन भी याद है। माया के तूफान याद में ही विघ्न डालते हैं इसलिए याद की गुप्त मेहनत करो तभी लक्ष्मी-नारायण जैसा लवली बन सकेंगे।

वरदान:-

सच्चाई-सफाई की धारणा द्वारा समीपता का अनुभव करने वाले सम्पूर्णमूर्त भव

सभी धारणाओं में मुख्य धारणा है सच्चाई और सफाई। एक दो के प्रति दिल में बिल्कुल सफाई हो। जैसे साफ चीज़ में सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है। वैसे एक दो की भावना, भाव-स्वभाव स्पष्ट दिखाई दे। जहाँ सच्चाई-सफाई है वहाँ समीपता है। जैसे बापदादा के समीप हो ऐसे आपस में भी दिल की समीपता हो। स्वभाव की भिन्नता समाप्त हो जाए। इसके लिए मन के भाव और स्वभाव को मिलाना है। जब स्वभाव में फ़र्क दिखाई न दे तब कहेंगे सम्पूर्णमूर्त।

स्लोगन:-

बिगड़े हुए को सुधारना - यह सबसे बड़ी सेवा है।