10-02-2019-Hin

भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण

V- एकाग्रता की शक्ति से परवश स्थिति को परिवर्तन करने वाले अधिकारी आत्मा भव -----ब्राह्मण अर्थात् अधिकारी आत्मा कभी किसी के परवश नहीं हो सकती। अपने कमजोर स्वभाव संस्कार के वश भी नहीं क्योंकि स्वभाव अर्थात् स्व प्रति और सर्व के प्रति आत्मिक भाव है तो कमजोर स्वभाव के वश नहीं हो सकते और अनादि आदि संस्कारों की स्मृति से कमजोर संस्कार भी सहज परिवर्तन हो जाते हैं। एकाग्रता की शक्ति परवश स्थिति को परिवर्तन कर मालिकपन की स्थिति की सीट पर सेट कर देती है।

S- क्रोध ज्ञानी तू आत्मा के लिए महाशत्रु है।