10-03-2019-Hin

विस्तार में सार की सुन्दरता

V- ज्ञान रत्नों को धारण कर व्यर्थ को समाप्त करने वाले होलीहंस भव -----होलीहंस की दो विशेषतायें हैं - एक है ज्ञान रत्न चुगना और दूसरा निर्णय शक्ति द्वारा दूध और पानी को अलग करना। दूध और पानी का अर्थ है - समर्थ और व्यर्थ का निर्णय। व्यर्थ को पानी के समान कहते हैं और समर्थ को दूध समान। तो व्यर्थ को समाप्त करना अर्थात् होलीहंस बनना। हर समय बुद्धि में ज्ञान रत्न चलते रहे, मनन चलता रहे तो रत्नों से भरपूर हो जायेंगे।

S- सदा अपने श्रेष्ठ पोज़ीशन में स्थित रह ऑपोज़ीशन को समाप्त करने वाले ही विजयी आत्मा हैं।