10-10-2021     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 11.08.88 "बापदादा"    मधुबन


सफलता का चुम्बक - मिलना और मोल्ड होना'
 


वरदान:-
विकारों के वंश के अंश को भी समाप्त करने वाले सर्व समर्पण वा ट्रस्टी भव

जो आईवेल के लिए पुराने संस्कारों की प्रापर्टी किनारे कर रख लेते हैं। तो माया किसी न किसी रीति से पकड़ लेती है। पुराने रजिस्टर की छोटी सी टुकड़ी से भी पकड़ जायेंगे, माया बड़ी तेज है, उनकी कैचिंग पावर कोई कम नहीं है इसलिए विकारों के वंश के अंश को भी समाप्त करो। जरा भी किसी कोने में पुराने खजाने की निशानी न हो - इसको कहा जाता है सर्व समर्पण, ट्रस्टी वा यज्ञ के स्नेही सहयोगी।

स्लोगन:-
किसी की विशेषता के कारण उससे विशेष स्नेह हो जाना - ये भी लगाव है।