10.11.2020

"मीठे बच्चे - आत्मा को सतोप्रधान बनाने का फुरना (फा) रखो, कोई भी खामी (कमी) रह न जाए, माया ग़फलत न करा दे''

प्रश्नः-

तुम बच्चों के मुख से कौन से शुभ बोल सदा निकलने चाहिए?

उत्तर:-

सदा मुख से यही शुभ बोल बोलो कि हम नर से नारायण बनेंगे, कम नहीं। हम ही विश्व के मालिक थे फिर से बनेंगे। लेकिन यह मंजिल ऊंची है, इसलिए बहुत-बहुत खबरदार रहना है। अपना पोतामेल देखना है। एम ऑबजेक्ट को सामने रख पुरूषार्थ करते रहना है, हार्ट-फेल नहीं होना है।

वरदान:-

साकार बाप को फालो कर नम्बरवन लेने वाले सम्पूर्ण फरिश्ता भव

नम्बरवन आने का सहज साधन है-जो नम्बरवन ब्रह्मा बाप है, उसी वन को देखो। अनेकों को देखने के बजाए एक को देखो और एक को फालो करो। हम सो फरिश्ता का मंत्र पक्का कर लो तो अन्तर मिट जायेगा फिर साइन्स का यंत्र अपना काम शुरू करेगा और आप सम्पूर्ण फरिश्ते देवता बन नई दुनिया में अवतरित होंगे। तो सम्पूर्ण फरिश्ता बनना अर्थात् साकार बाप को फालो करना।

स्लोगन:-

मनन करने से जो खुशी रूपी मक्खन निकलता है-वही जीवन को शक्तिशाली बनाता है।