11-02-2019-Hin

"मीठे बच्चे - ज्ञान की तलवार में योग का जौहर चाहिए तब ही विजय होगी, ज्ञान में योग का जौहर है तो उसका असर जरूर होगा''

Q- तुम खुदा के पैगम्बर हो, तुम्हें सारी दुनिया को कौन-सा पैगाम देना है?

A- सारी दुनिया को पैगाम दो कि खुदा ने कहा है - तुम सब अपने को आत्मा समझो, देह-अभिमान छोड़ो, एक मुझ बाप को याद करो तो तुम्हारे सिर से पापों का बोझा उतर जायेगा। एक बाप की याद से तुम पावन बन जायेंगे। अन्तर्मुखी बच्चे ही ऐसा पैगाम सभी को दे सकते हैं।

D- 1) ज्ञान तलवार में याद का जौहर भरने के लिए कर्म करते अन्तर्मुखी बन अभ्यास करना है कि मैं आत्मा हूँ। मुझ आत्मा को बाप का फरमान है कि निरन्तर मुझे याद करो। एक बाप से सच्ची प्रीत रखो। देह और देह के सम्बन्धियों से ममत्व निकाल दो।-----2) प्रवृत्ति में रहते एक-दो को सावधान कर हंस बन ऊंच पद लेना है। क्रोध का अंश भी निकाल देना है, अपनी सिविल बुद्धि बनानी है।

V- तीव्र पुरुषार्थ द्वारा सभी बंधनों को क्रास कर मनोरंजन का अनुभव करने वाले डबल लाइट भव-----कई बच्चे कहते हैं वैसे तो मैं ठीक हूँ लेकिन यह कारण है ना - संस्कारों का, व्यक्तियों का, वायुमण्डल का बंधन है.. परन्तु कारण कैसा भी हो, क्या भी हो तीव्र पुरुषार्थी सभी बातों को ऐसे क्रास करते हैं जैसे कुछ है ही नहीं। वह सदा मनोरंजन का अनुभव करते हैं। ऐसी स्थिति को कहा जाता है उड़ती कला और उड़ती कला की निशानी है डबल लाइट। उन्हें किसी भी प्रकार का बोझ हलचल में ला नहीं सकता।

S- हर गुण वा ज्ञान की बात को अपना निज़ी संस्कार बनाओ।