11.09.2020

''मीठे बच्चे - यह ड्रामा का खेल एक्यूरेट चल रहा है, जिसका जो पार्ट जिस घड़ी होना चाहिए, वही रिपीट हो रहा है, यह बात यथार्थ रीति समझना है''

प्रश्नः-

तुम बच्चों का प्रभाव कब निकलेगा? अभी तक किस शक्ति की कमी है?

उत्तर:-

जब योग में मजबूत होंगे तब प्रभाव निकलेगा। अभी वह जौहर नहीं है। याद से ही शक्ति मिलती है। ज्ञान तलवार में याद का जौहर चाहिए, जो अभी तक कम है। अगर अपने को आत्मा समझ बाप को याद करते रहो तो बेड़ा पार हो जायेगा। यह सेकण्ड की ही बात है।

वरदान:-

माया के बन्धनों से सदा निर्बन्धन रहने वाले योगयुक्त, बन्धनमुक्त भव

बन्धनमुक्त की निशानी है सदा योगयुक्त। योगयुक्त बच्चे जिम्मेवारियों के बंधन वा माया के बन्धन से मुक्त होंगे। मन का भी बन्धन न हो। लौकिक जिम्मेवारी तो खेल हैं, इसलिए डायरेक्शन प्रमाण खेल की रीति से हंसकर खेलो तो कभी छोटी-छोटी बातों में थकेंगे नहीं। अगर बंधन समझते हो तो तंग होते हो। क्या, क्यों का प्रश्न उठता है। लेकिन जिम्मेवार बाप है आप निमित्त हो। इस स्मृति से बन्धनमुक्त बनो तो योगयुक्त बन जायेंगे।

स्लोगन:-

करनकरावनहार की स्मृति से भान और अभिमान को समाप्त करो।