11-10-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - योग अग्नि से पापों को भस्म कर सम्पूर्ण सतोप्रधान बनना है, कोई भी पाप कर्म नहीं करना है''

प्रश्नः-
सतयुग में ऊंच पद किस आधार पर मिलता है? यहाँ का कौन सा कायदा सबको सुनाओ?

उत्तर:-
सतयुग में पवित्रता के आधार पर ऊंच पद मिलता है। जो पवित्रता की कम धारणा करते हैं वह सतयुग में देरी से आते हैं और पद भी कम पाते हैं। यहाँ जब कोई आता है तो उन्हें कायदा सुनाओ - दे दान तो छूटे ग्रहण। 5 विकारों का दान दो तो तुम 16 कला सम्पूर्ण बन जायेंगे। तुम बच्चे भी अपनी दिल से पूछो कि हमारे में कोई विकार तो नहीं हैं?

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) तीव्र वेग से पुरूषार्थ कर विकारों की खाद को योग की अग्नि में गला देना है। पवित्रता की पूरी प्रतिज्ञा करनी है।

2) कर्म-अकर्म-विकर्म की गति को बुद्धि में रखकर अपना सब कुछ नई दुनिया के लिए ट्रांसफर कर देना है।

वरदान:-
अपने बुद्धि रूपी नेत्र को क्लीयर और केयरफुल रखने वाले मास्टर नॉलेजफुल, पावरफुल भव

जैसे ज्योतिषी अपने ज्योतिष की नॉलेज से, ग्रहों की नॉलेज से आने वाली आपदाओं को जान लेते हैं, ऐसे आप बच्चे इनएडवांस माया द्वारा आने वाले पेपर्स को परखकर पास विद आनर बनने के लिए अपने बुद्धि रूपी नेत्र को क्लीयर बनाओ और केयरफुल रहो। दिन प्रतिदिन याद की वा साइलेन्स की शक्ति को बढ़ाओ तो पहले से ही मालूम पड़ेगा कि आज कुछ होने वाला है। मास्टर नॉलेजफुल, पावरफुल बनो तो कभी हार नहीं हो सकती।

स्लोगन:-
पवित्रता ही नवीनता है और यही ज्ञान का फाउण्डेशन है।