11.11.2020

"मीठे बच्चे - तुम अभी वर्ल्ड सर्वेन्ट हो, तुम्हें किसी भी बात में देह-अभिमान नहीं आना चाहिए''

प्रश्नः-

कौन सी एक आदत ईश्वरीय कायदे के विरूद्ध है, जिससे बहुत नुकसान होता है?

उत्तर:-

कोई भी फिल्मी कहानियां सुनना वा पढ़ना, नाविल्स पढ़ना... यह आदत बिल्कुल बेकायदे है, इससे बहुत नुकसान होता है। बाबा की मना है-बच्चे, तुम्हें ऐसी कोई किताबें नहीं पढ़नी है। अगर कोई बी.के. ऐसी पुस्तकें पढ़ता है तो तुम एक-दो को सावधान करो।

वरदान:-

यज्ञ सेवा द्वारा सर्व प्राप्तियों का प्रसाद प्राप्त करने वाले आलराउन्ड सेवाधारी भव

संगमयुग पर आलराउन्ड सेवा का चांस मिलना-यह भी ड्रामा में एक लिफ्ट है, जो प्यार से यज्ञ की आलराउन्ड सेवा करते हैं उन्हें सर्व प्राप्तियों का प्रसाद स्वत:प्राप्त हो जाता है। वे निर्विघ्न रहते हैं। एक बारी सेवा की और हजार बार सेवा का फल प्राप्त हो गया। सदा स्थूल सूक्ष्म लंगर लगा रहे। किसी को भी सन्तुष्ट करना-यह सबसे बड़ी सेवा है। मेहमान-निवाज़ी करना, यह सबसे बड़ा भाग्य है।

स्लोगन:-

स्वमान में स्थित रहो तो अनेक प्रकार के अभिमान स्वत: समाप्त हो जायेंगे।