12.02.2021

'मीठे बच्चे - तुम्हें कमाई का बहुत शौक होना चाहिए, इस पढ़ाई में ही कमाई है"

प्रश्नः-

ज्ञान के बिगर कौन सी खुशी की बात भी विघ्न रूप बन जाती है?

उत्तर:-

साक्षात्कार होना, यह है तो खुशी की बात लेकिन अगर यथार्थ रूप से ज्ञान नहीं है तो और ही मूँझ जाते हैं। समझो किसी को बाप का साक्षात्कार हुआ, बिन्दू देखा तो क्या समझेंगे और ही मूँझेंगे, इसलिए ज्ञान के बिगर साक्षात्कार से कोई भी फायदा नहीं। इसमें और ही माया के विघ्न पड़ने लगते हैं। कइयों को साक्षात्कार का उल्टा नशा भी चढ़ जाता है।

वरदान:-

हर कदम फरमान पर चलकर माया को कुर्बान कराने वाले सहजयोगी भव

जो बच्चे हर कदम फरमान पर चलते हैं उनके आगे सारी विश्व कुर्बान जाती है, साथ-साथ माया भी अपने वंश सहित कुर्बान हो जाती है। पहले आप बाप पर कुर्बान हो जाओ तो माया आप पर कुर्बान जायेगी और अपने श्रेष्ठ स्वमान में रहते हुए हर फरमान पर चलते रहो तो जन्म-जन्मान्तर की मुश्किल से छूट जायेंगे। अभी सहजयोगी और भविष्य में सहज जीवन होगी। तो ऐसी सहज जीवन बनाओ।

स्लोगन:-

स्वयं के परिवर्तन से अन्य आत्माओं का परिवर्तन करना ही जीयदान देना है।