12-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - तुम्हें अब टीचर बन सबको मन वशीकरण मंत्र सुनाना है, यह तुम सब बच्चों की ड्युटी है”

Q- बाबा किन बच्चों का कुछ भी स्वीकार नहीं करते हैं?

A- जिन्हें अहंकार है मैं इतना देता हूँ, मैं इतनी मदद कर सकता हूँ, बाबा उनका कुछ भी स्वीकार नहीं करते। बाबा कहते मेरे हाथ में चाबी है। चाहे तो मैं किसी को गरीब बनाऊं, चाहे किसको साहूकार बनाऊं। यह भी ड्रामा में राज़ है। जिन्हें आज अपनी साहूकारी का घमण्ड है वह कल गरीब बन जाते और गरीब बच्चे बाप के कार्य में अपनी पाई-पाई सफल कर साहूकार बन जाते हैं।

D- 1) ज्ञान का खूब विचार सागर मंथन करना है। जो सुना है उसे उगारना है। अन्तर्मुख हो देखना है कि बाप से ऐसी दिल लगी हुई है जो वह कभी भूले ही नहीं।-----2) कोई भी प्रश्न आदि पूछने में अपना टाइम वेस्ट न कर याद की यात्रा से स्वयं को पावन बनाना है। अन्त समय में एक बाप की याद के सिवाए और कोई भी विचार न आये-यह अभ्यास अभी से करना है।

V- ज्ञान सूर्य, ज्ञान चन्द्रमा के साथ साथी बन रात को दिन बनाने वाले रूहानी ज्ञान सितारे भव-----जैसे वह सितारे रात में प्रगट होते हैं ऐसे आप रूहानी ज्ञान सितारे, चमकते हुए सितारे भी ब्रह्मा की रात में प्रगट होते हो। वह सितारे रात को दिन नहीं बनाते लेकिन आप ज्ञान सूर्य, ज्ञान चन्द्रमा के साथ साथी बन रात को दिन बनाते हो। वह आकाश के सितारे हैं आप धरती के सितारे हो, वह प्रकृति की सत्ता है आप परमात्म सितारे हो। जैसे प्रकृति के तारामण्डल में अनेक प्रकार के सितारे चमकते हुए दिखाई देते हैं, ऐसे आप परमात्म तारामण्डल में चमकते हुए रूहानी सितारे हो।

S- सेवा का चांस मिलना अर्थात् दुआओं से झोली भरना।