13-09-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - तत्वों सहित सभी मनुष्य मात्र को बदलने वाली युनिवर्सिटी केवल एक ही है, यहाँ से ही सबकी सद्गति होती है''

प्रश्नः-
बाप में निश्चय होते ही कौन सी राय फौरन अमल में लानी चाहिए?

उत्तर:-
1- जब निश्चय हुआ कि बाप आया है तो बाप की पहली-पहली राय यह है कि इन आंखों से जो कुछ देखते हो उसे भूल जाओ। एक मेरी मत पर चलो। इस राय को फौरन अमल में लाना चाहिए। 2- जब तुम बेहद के बाप के बने हो तो पतितों के साथ तुम्हारी लेन-देन नहीं होनी चाहिए। निश्चय बुद्धि बच्चों को कभी किसी बात में संशय नहीं आ सकता।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सतयुगी प्यार की राजधानी में चलने के लिए बहुत-बहुत प्यारा बनना है। राजाई पद के लिए पावन जरूर बनना है। पवित्रता फर्स्ट है इसलिए काम महाशत्रु पर विजय पानी है।

2) इस पुरानी दुनिया से बेहद का वैरागी बनने के लिए इन ऑखों से देह सहित जो कुछ दिखाई देता है, उसे देखते भी नहीं देखना है। हर कदम पर बाप से राय लेकर चलना है।

वरदान:-
समस्याओं को चढ़ती कला का साधन अनुभव कर सदा सन्तुष्ट रहने वाले शक्तिशाली भव

जो शक्तिशाली आत्मायें हैं वह समस्याओं को ऐसे पार कर लेती हैं जैसे कोई सीधा रास्ता सहज ही पार कर लेते हैं। समस्यायें उनके लिए चढ़ती कला का साधन बन जाती हैं। हर समस्या जानी पहचानी अनुभव होती है। वे कभी भी आश्चर्यवत नहीं होते बल्कि सदा सन्तुष्ट रहते हैं। मुख से कभी कारण शब्द नहीं निकलता लेकिन उसी समय कारण को निवारण में बदल देते हैं।

स्लोगन:-
स्व-स्थिति में स्थित रहकर सर्व परिस्थितियों को पार करना ही श्रेष्ठता है।