13-10-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - ब्लड कनेक्शन में ही दु:ख है, तुम्हें उसका त्याग कर आपस में आत्मिक लव रखना है, यही सुख और आनंद का आधार है''

प्रश्नः-
विजय माला में आने के लिए विशेष कौन सा पुरुषार्थ चाहिए?

उत्तर:-
विजय माला में आना है तो विशेष होली (पवित्र) बनने का पुरुषार्थ करो। जब पक्के संन्यासी अर्थात् निर्विकारी बनेंगे तब विजय माला का दाना बनेंगे। कोई भी कर्मबन्धन का हिसाब-किताब है, तो वारिस नहीं बन सकते, प्रजा में चले जायेंगे।

गीत:-
महफिल में जल उठी शमा परवानों के लिए ....

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) जैसे बापदादा बच्चों को कभी ख़फा (नाराज़)नहीं करते, ऐसे तुम बच्चों को भी किसी को नाराज़ नहीं करना है, आपस में आन्तरिक लव से रहना है। कभी गुस्सा नहीं करना है।

2) पीस और ब्लिस का वरदान लेने के लिए शमा पर पूरा फिदा होना है। पढ़ाई से सुप्रीम पीस और हैपीनेस का गॉडली अधिकार लेना है।

वरदान:-
संगठन में सहयोग की शक्ति द्वारा विजयी बनने वाले सर्व के शुभचिंतक भव

यदि संगठन में हर एक, एक दो के मददगार, शुभचिंतक बनकर रहें तो सहयोग की शक्ति का घेराव बहुत कमाल कर सकता है। आपस में एक दो के शुभचिंतक सहयोगी बनकर रहो तो माया की हिम्मत नहीं जो इस घेराव के अन्दर आ सके। लेकिन संगठन में सहयोग की शक्ति तब आयेगी जब यह दृढ़ संकल्प करेंगे कि चाहे कितनी भी बातें सहन करना पड़े लेकिन सामना करके दिखायेंगे, विजयी बनकर दिखायेंगे।

स्लोगन:-
कोई भी इच्छा, अच्छा बनने नहीं देगी, इसलिए इच्छा मात्रम् अविद्या बनो।