14-10-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - योगबल से विकारों रूपी रावण पर विजय प्राप्त कर सच्चा-सच्चा दशहरा मनाओ''

प्रश्नः-
रामायण और महाभारत का आपस में क्या कनेक्शन है? दशहरा किस बात को सिद्ध करता है?

उत्तर:-
दशहरा होना माना रावण खत्म होना और सीताओं को छुटकारा मिलना। लेकिन दशहरा मनाने से तो रावण से छुटकारा मिलता नहीं। जब महाभारत होता है तब सब सीताओं को छुटकारा मिल जाता है। महाभारत लड़ाई से रावणराज्य खत्म होता है तो रामायण, महाभारत और गीता का आपस में बहुत गहरा कनेक्शन है।

गीत:-
महफिल में जल उठी शमा...

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) बाप समान प्यार का सागर बनना है। कभी भी आवेश में नहीं आना है। अपनी जबान बड़ी मीठी रखनी है। सबको राज़ी करना है।

2) हड्डी सर्विस करनी है। नशे में रहना है कि अब यह पुराना शरीर छोड़ जाकर प्रिन्स-प्रिन्सेज बनेंगे।

वरदान:-
सेवा की लगन द्वारा लौकिक को अलौकिक प्रवृत्ति में परिवर्तन करने वाले निरन्तर सेवाधारी भव

सेवाधारी का कर्तव्य है निरन्तर सेवा में रहना - चाहे मंसा सेवा हो, चाहे वाचा वा कर्मणा सेवा हो। सेवाधारी कभी भी सेवा को अपने से अलग नहीं समझते। जिनकी बुद्धि में सदा सेवा की लगन रहती है उनकी लौकिक प्रवृत्ति बदलकर ईश्वरीय प्रवृत्ति हो जाती है। सेवाधारी घर को घर नहीं समझते लेकिन सेवास्थान समझकर चलते हैं। सेवाधारी का मुख्य गुण है त्याग। त्याग वृत्ति वाले प्रवृत्ति में तपस्वीमूर्त होकर रहते हैं जिससे सेवा स्वत: होती है।

स्लोगन:-
अपने संस्कारों को दिव्य बनाना है तो मन-बुद्धि को बाप के आगे समर्पित कर दो।