14.11.2020

"मीठे बच्चे - तुम सच्चे-सच्चे राजऋषि हो, तुम्हारा कर्तव्य है तपस्या करना, तपस्या से ही पूजन लायक बनेंगे''

प्रश्नः-

कौन-सा पुरूषार्थ सदाकाल के लिए पूजने लायक बना देता है?

उत्तर:-

आत्मा की ज्योति जगाने वा तमोप्रधान आत्मा को सतोप्रधान बनाने का पुरूषार्थ करो तो सदाकाल के लिए पूजन लायक बन जायेंगे। जो अभी ग़फलत करते हैं वह बहुत रोते हैं। अगर पुरूषार्थ करके पास नहीं हुए, धर्मराज की सज़ायें खाई तो सज़ा खाने वाले पूजे नहीं जायेंगे। सज़ा खाने वाले का मुँह ऊंचा नहीं हो सकता।

वरदान:-

दिव्य गुणों के आह्वान द्वारा सर्व अवगुणों की आहुति देने वाले सन्तुष्ट आत्मा भव

जैसे दीपावली पर विशेष सफाई और कमाई का ध्यान रखते हैं। ऐसे आप भी सब प्रकार की सफाई और कमाई का लक्ष्य रख सन्तुष्ट आत्मा बनो। सन्तुष्टता द्वारा ही सर्व दिव्य गुणों का आह्वान कर सकेंगे। फिर अवगुणों की आहुति स्वत: हो जायेगी। अन्दर जो कमजोरियाँ, कमियां, निर्बलता, कोमलता रही हुई है, उन्हें समाप्त कर अब नया खाता शुरू करो और नये संस्कारों के नये वस्त्र धारण कर सच्ची दीपावली मनाओ।

स्लोगन:-

स्वमान की सीट पर सदा सेट रहना है तो दृढ़ संकल्प की बेल्ट अच्छी तरह से बांध लो।