15.02.2021

"मीठे बच्चे - यह संगमयुग है चढ़ती कला का युग, इसमें सभी का भला होता है इसलिए कहा जाता चढ़ती कला तेरे भाने सर्व का भला''

प्रश्नः-

बाबा सभी ब्राह्मण बच्चों को बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं - क्यों?

उत्तर:-

क्योंकि बाबा कहते तुम मेरे बच्चे मनुष्य से देवता बनते हो। तुम अभी रावण की जंजीरों से छूटते हो, तुम स्वर्ग की राजाई पाते हो, पास विद् ऑनर बनते हो, मैं नहीं इसलिए बाबा तुम्हें बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं। तुम आत्मायें पतंग हो, तुम्हारी डोर मेरे हाथ में हैं। मैं तुम्हें स्वर्ग का मालिक बनाता हूँ।

वरदान:-

अतीन्द्रिय सुखमय स्थिति द्वारा अनेक आत्माओं का आह्वान करने वाले विश्व कल्याणकारी भव

जितना लास्ट कर्मातीत स्टेज समीप आती जायेगी उतना आवाज से परे शान्त स्वरूप की स्थिति अधिक प्रिय लगेगी - इस स्थिति में सदा अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति होगी और इसी अतीन्द्रिय सुखमय स्थिति द्वारा अनेक आत्माओं का सहज आह्वान कर सकेंगे। यह पावरफुल स्थिति ही विश्व कल्याणकारी स्थिति है। इस स्थिति द्वारा कितनी भी दूर रहने वाली आत्मा को सन्देश पहुंचा सकते हो।

स्लोगन:-

हर एक की विशेषता को स्मृति में रख फेथफुल बनो तो संगठन एकमत हो जायेगा।