15-04-2019-Hin

''मीठे बच्चे - सर्व का सद्गति दाता एक बाप है, बाप जैसी निष्काम सेवा और कोई भी नहीं कर सकता''

Q- न्यु वर्ल्ड स्थापन करने में बाप को कौन-सी मेहनत करनी पड़ती है?

A- एकदम अजामिल जैसे पापियों को फिर से लक्ष्मी-नारायण जैसे पूज्य देवता बनाने की मेहनत बाप को करनी पड़ती है। बाप तुम बच्चों को देवता बनाने की मेहनत करते। बाकी सर्व आत्मायें वापिस शान्तिधाम जाती हैं। हर एक को अपना हिसाब-किताब चुक्तू कर लायक बनकर वापस घर जाना है।

D- 1) डबल अहिंसक बन योगबल से इस हेल को हेविन बनाना है। तमोप्रधान से सतोप्रधान बनने का पुरूषार्थ करना है।-----2) एक बाप को पूरा-पूरा फालो करना है। सच्चा-सच्चा ब्राह्मण बन योग-अग्नि से विकर्मों को दग्ध करना है। सबको काम चिता से उतार ज्ञान चिता पर बिठाना है।

V- अल्फ को जानने और पवित्रता के स्वधर्म को अपनाने वाले विशेष आत्मा भव-----बापदादा को खुशी होती है कि मेरा एक-एक बच्चा विशेष आत्मा है - चाहे बुजुर्ग है, अनपढ़ है, छोटा बच्चा है, युवा है या प्रवृति वाला है लेकिन विश्व के आगे विशेष है। दुनिया में चाहे कोई कितने भी बड़े नेता हो, अभिनेता हो, वैज्ञानिक हों लेकिन अल्फ को नहीं जाना तो क्या जाना! आप निश्चयबुद्धि हो फलक से कहते हो कि तुम ढूढ़ते रहो, हमने तो पा लिया। प्रवृत्ति में रहते पवित्रता के स्वधर्म को अपना लिया तो पवित्र आत्मा विशेष आत्मा बन गये।

S- जो सदा खुशहाल रहते हैं वही स्वयं को और सर्व को प्रिय लगते हैं।