15.07.2020

"मीठे बच्चे - तुम्हें सच्चा-सच्चा वैष्णव बनना है, सच्चे वैष्णव भोजन की परहेज के साथ-साथ पवित्र भी रहते हैं''

प्रश्नः-

कौन-सा अवगुण गुण में परिवर्तन हो जाए तो बेडा पार हो सकता है?

उत्तर:-

सबसे बड़ा अवगुण है मोह। मोह के कारण सम्बन्धियों की याद सताती रहती है। (बन्दरी का मिसाल) किसी का कोई सम्बन्धी मरता है तो 12 मास तक उसे याद करते रहते हैं। मुँह ढक कर रोते रहेंगे, याद आती रहेगी। ऐसे ही अगर बाप की याद सताये, दिन-रात तुम बाप को याद करो तो तुम्हारा बेडा पार हो जायेगा। जैसे लौकिक सम्बन्धी को याद करते ऐसे बाप को याद करो तो अहो सौभाग्य...।

वरदान:-

शुद्ध संकल्प के व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन करने वाले दिलतख्तनशीन भव

बापदादा का दिलतख्त इतना प्योर है जो इस तख्त पर सदा प्योर आत्मायें ही बैठ सकती हैं। जिनके संकल्प में भी अपवित्रता या अमर्यादा आ जाती है वो तख्तनशीन के बजाए गिरती कला में नीचे आ जाते हैं इसलिए पहले शुद्ध संकल्प के व्रत द्वारा अपनी वृत्ति का परिवर्तन करो। वृत्ति परिवर्तन से भविष्य जीवन रूपी सृष्टि बदल जायेगी। शुद्ध संकल्प व दृढ़ संकल्प के व्रत का प्रत्यक्षफल है ही सदाकाल के लिए बापदादा का दिलतख्त।

स्लोगन:-

जहाँ सर्वशक्तियां साथ है वहाँ निर्विध्न सफलता है ही।