15.10.2020

मीठे बच्चे - "नाज़ुकपना भी देह-अभिमान है, रूसना, रोना यह सब आसुरी संस्कार तुम बच्चों में नहीं होने चाहिए, दु:ख-सुख, मान-अपमान सब सहन करना है''

प्रश्नः-

सर्विस में ढीलापन आने का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर:-

जब देह-अभिमान के कारण एक दो की खामियां देखने लगते हैं तब सर्विस में ढीलापन आता है। आपस में अनबनी होना भी देह-अभिमान है। मैं फलाने के साथ नहीं चल सकता, मैं यहाँ नहीं रह सकता...... यह सब नाज़ुकपना है। यह बोल मुख से निकालना माना कांटे बनना, नाफरमानबरदार बनना। बाबा कहते बच्चे, तुम रूहानी मिलेट्री हो इसलिए ऑर्डर हुआ तो फौरन हाज़िर होना चाहिए। कोई भी बात में आनाकानी मत करो।

वरदान:-

अपने महत्व व कर्तव्य को जानने वाले सदा जागती ज्योत भव

आप बच्चे जग की ज्योति हो, आपके परिवर्तन से विश्व का परिवर्तन होना है इसलिए बीती सो बीती कर अपने महत्व वा कर्तव्य को जानकर सदा जागती-ज्योत बनो। आप सेकण्ड में स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन कर सकते हो। सिर्फ प्रैक्टिस करो अभी-अभी कर्मयोगी, अभी-अभी कर्मातीत स्टेज। जैसे आपकी रचना कछुआ सेकण्ड में सब अंग समेट लेता है। ऐसे आप मास्टर रचता समेटने की शक्ति के आधार से सेकण्ड में सर्व संकल्पों को समाकर एक संकल्प में स्थित हो जाओ।

स्लोगन:-

लवलीन स्थिति का अनुभव करने के लिए स्मृति-विस्मृति की युद्ध समाप्त करो।