15-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - शान्ति का गुण सबसे बड़ा गुण है, इसलिए शान्ति से बोलो, अशान्ति फैलाना बन्द करो”

Q- संगमयुग पर बाप से बच्चों को कौन-सा वर्सा मिलता है? गुणवान बच्चों की निशानियां क्या होंगी?

A- पहला वर्सा मिलता है ज्ञान का, 2. शान्ति का, 3. गुणों का। गुणवान बच्चे सदा खुशी में रहेंगे। किसी का अवगुण नहीं देखेंगे, किसकी कम्पलेन नहीं करेंगे, जिसमें अवगुण हैं उनका संग भी नहीं करेंगे। कोई ने कुछ कहा तो सुना अनसुना कर अपनी मस्ती में रहेंगे।

D- 1) उठते, बैठते, चलते ज्ञान का सिमरण कर मोती चुगने वाला हंस बनना है। सबसे गुण ग्रहण करने हैं। एक-दूसरे में गुण ही फूंकने हैं।-----2) अपना चेहरा सदा खुशनुम: रखने के लिए अपने आपसे बातें करनी है - ओहो! हम तो कारून के खजाने के मालिक बनते हैं। ज्ञान सागर बाप द्वारा हमें ज्ञान रत्नों की लॉटरी मिल रही है!

V- सदा सन्तुष्ट रह अपनी दृष्टि, वृत्ति, कृति द्वारा सन्तुष्टता की अनुभूति कराने वाले सन्तुष्टमणि भव-----ब्राह्मण कुल में विशेष आत्मायें वो हैं जो सदा सन्तुष्टता की विशेषता द्वारा स्वयं भी सन्तुष्ट रहती हैं और अपनी दृष्टि, वृत्ति और कृति द्वारा औरों को भी सन्तुष्टता की अनुभूति कराती हैं, वही सन्तुष्टमणियां हैं जो सदा संकल्प, बोल, संगठन के सम्बन्ध-सम्पर्क वा कर्म में बापदादा द्वारा अपने ऊपर सन्तुष्टता के गोल्डन पुष्पों की वर्षा अनुभव करती हैं। ऐसी सन्तुष्ट मणियां ही बापदादा के गले का हार बनती हैं, राज्य अधिकारी बनती हैं और भक्तों के सिमरण की माला बनती हैं।

S- निगेटिव और वेस्ट को समाप्त कर मेहनत मुक्त बनो।