17.09.2020

''मीठे बच्चे - तुम्हें इस पुरूषोत्तम संगमयुग पर ही उत्तम से उत्तम पुरुष बनना है, सबसे उत्तम पुरुष हैं यह लक्ष्मी-नारायण''

प्रश्नः-

तुम बच्चे बाप के साथ-साथ कौन-सा एक गुप्त कार्य कर रहे हो?

उत्तर:-

आदि सनातन देवी-देवता धर्म और दैवी राजधानी की स्थापना - तुम बाप के साथ गुप्त रूप से यह कार्य कर रहे हो। बाप बागवान है जो आकर कांटों के जंगल को फूलों का बगीचा बना रहे हैं। उस बगीचे में कोई भी ख़ौफनाक दु:ख देने वाली चीज़ें होती नहीं।

वरदान:-

स्मृति का स्विच ऑन कर सेकण्ड में अशरीरी स्थिति का अनुभव करने वाले प्रीत बुद्धि भव

जहाँ प्रभू प्रीत है वहाँ अशरीरी बनना एक सेकण्ड के खेल के समान है। जैसे स्विच ऑन करते ही अंधकार समाप्त हो जाता है। ऐसे प्रीत बुद्धि बन स्मृति का स्विच ऑन करो तो देह और देह की दुनिया की स्मृति का स्विच ऑफ हो जायेगा। यह सेकण्ड का खेल है। मुख से बाबा कहने में भी टाइम लगता है लेकिन स्मृति में लाने में टाइम नहीं लगता। यह बाबा शब्द ही पुरानी दुनिया को भूलने का आत्मिक बाम्ब है।

स्लोगन:-

देह भान की मिट्टी के बोझ से परे रहो तो डबल लाइट फरिश्ता बन जायेंगे।