19-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - तुम्हें एक बाप से ही सुनना है और सुन करके दूसरों को सुनाना है''

Q- बाप ने तुम बच्चों को कौन-सी समझ दी है, जो दूसरों को सुनानी है?

A- बाबा ने तुम्हें समझ दी कि तुम आत्मायें सब भाई-भाई हो। तुम्हें एक बाप की याद में रहना है। यही बात तुम सभी को सुनाओ क्योंकि तुम्हें सारे विश्व के भाईयों का कल्याण करना है। तुम ही इस सेवा के निमित्त हो।

D- 1) यहाँ ही सब हिसाब-किताब चुक्तू कर आधाकल्प के लिए सुख जमा करना है। इस पुरानी दुनिया से अब दिल नहीं लगानी है। इन आंखों से जो कुछ दिखाई देता है, उसे भूल जाना है।-----2) माया बड़ी जबरदस्त है, उससे खबरदार रहना है। पढ़ाई में गैलप कर आगे जाना है। एक बाप से ही सुनना और उनसे ही सुना हुआ दूसरों को सुनाना है।

V- सदा एकरस मूड द्वारा सर्व आत्माओं को सुख-शान्ति-प्रेम की अंचली देने वाले महादानी भव-----आप बच्चों की मूड सदा खुशी की एकरस रहे, कभी मूड आफ, कभी मूड बहुत खुश... ऐसे नहीं। सदा महादानी बनने वालों की मूड कभी बदलती नहीं है। देवता बनने वाले माना देने वाले। आपको कोई कुछ भी दे लेकिन आप महादानी बच्चे सबको सुख की अंचली, शान्ति की अंचली, प्रेम की अंचली दो। तन की सेवा के साथ मन से ऐसी सेवा में बिजी रहो तो डबल पुण्य जमा हो जायेगा।

S- आपकी विशेषतायें प्रभू प्रसाद हैं, इन्हें सिर्फ स्वयं प्रति यूज़ नहीं करो, बांटो और बढ़ाओ।