20.11.2020

"मीठे बच्चे - तुम अभी बिल्कुल शडपंथ (किनारे) पर खड़े हो, तुम्हें अब इस पार से उस पार जाना है, घर जाने की तैयारी करनी है''

प्रश्नः-

कौन-सी एक बात याद रखो तो अवस्था अचल-अडोल बन जायेगी?

उत्तर:-

पास्ट इज़ पास्ट। बीती का चिंतन नहीं करना है, आगे बढ़ते जाना है। सदा एक की तरफ देखते रहो तो अवस्था अचल-अडोल हो जायेगी। तुमने अब कलियुग की हद छोड़ दी, फिर पिछाड़ी की ओर क्यों देखते हो? उसमें बुद्धि ज़रा भी न जाए - यही है सूक्ष्म पढ़ाई।

वरदान:-

बिहंग मार्ग की सेवा द्वारा विश्व परिवर्तन के कार्य को सम्पन्न करने वाले सच्चे सेवाधारी भव

बिहंग मार्ग की सेवा करने के लिए संगठित रूप में "रूप और बसन्त'' इन दो बातों का बैलेन्स चाहिए। जैसे बसन्त रूप से एक समय पर अनेक आत्माओं को सन्देश देने का कार्य करते हो ऐसे ही रूप अर्थात् याद बल द्वारा, श्रेष्ठ संकल्प के बल द्वारा बिहंग मार्ग की सर्विस करो। इसकी भी इन्वेन्शन निकालो। साथ-साथ संगठित रूप में दृढ़ संकल्प से पुराने संस्कार, स्वभाव व पुरानी चलन के तिल व जौं यज्ञ में स्वाहा करो तब विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा अथवा यज्ञ की समाप्ति होगी।

स्लोगन:-

बालक और मालिक पन के बैलेन्स से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ।