22.02.2021

"मीठे बच्चे - अभी यह चढ़ती कला का समय है, भारत गरीब से साहूकार बनता है, तुम बाप से सतयुगी बादशाही का वर्सा ले लो''

प्रश्नः-

बाप का कौन सा टाइटिल श्रीकृष्ण को नहीं दे सकते हैं?

उत्तर:-

बाप है गरीब-निवाज। श्रीकृष्ण को ऐसे नहीं कहेंगे। वह तो बहुत धनवान है, उनके राज्य में सब साहूकार हैं। बाप जब आते हैं तो सबसे गरीब भारत है। भारत को ही साहूकार बनाते हैं। तुम कहते हो हमारा भारत स्वर्ग था, अभी नहीं है, फिर से बनने वाला है। गरीब-निवाज़ बाबा ही भारत को स्वर्ग बनाते हैं।

वरदान:-

एक साथ तीन रूपों से सेवा करने वाले मास्टर त्रिमूर्ति भव

जैसे बाप सदा तीन स्वरूपों से सेवा पर उपस्थित हैं बाप, शिक्षक और सतगुरू, ऐसे आप बच्चे भी हर सेकण्ड मन, वाणी और कर्म तीनों द्वारा साथ-साथ सर्विस करो तब कहेंगे मास्टर त्रिमूर्ति। मास्टर त्रिमूर्ति बन जो हर सेकण्ड तीनों रूपों से सेवा पर उपस्थित रहते हैं वही विश्व कल्याण कर सकेंगे क्योंकि इतने बड़े विश्व का कल्याण करने के लिए जब एक ही समय पर तीनों रूप से सेवा हो तब यह सेवा का कार्य समाप्त हो।

स्लोगन:-

ऊंच ब्राह्मण वह है जो अपनी शक्ति से बुरे को अच्छे में बदल दे।