22-06-2022 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


मीठे बच्चे - बाप स्वर्ग का फाउन्डेशन लगा रहे हैं, तुम बच्चे मददगार बन अपना हिस्सा जमा कर लो, ईश्वरीय मत पर चल श्रेष्ठ प्रालब्ध बनाओ''

प्रश्नः-
बापदादा को किन बच्चों की सदा तलाश रहती है?

उत्तर:-
जो बहुत-बहुत मीठे शीतल स्वभाव वाले सर्विसएबुल बच्चे हैं। ऐसे बच्चों की बाप को तलाश रहती है। सर्विसएबुल बच्चे ही बाप का नाम बाला करेंगे। जितना बाप का मददगार बनते हैं, आज्ञाकारी, व़फादार हैं, उतना वह वर्से के हकदार बनते हैं।

गीत:-
ओम् नमो शिवाए...

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) इस मायावी दुनिया में हर बात में दु:ख है इसलिए इस पुरानी दुनिया में कोई भी आश नहीं रखनी है। भल माया के तूफान आयें लेकिन कभी भी कुल-कलंकित नहीं बनना है।

2) खान-पान की बहुत परहेज रखनी है, पार्टी आदि में जाते बहुत युक्ति से चलना है।

वरदान:-
बुराई में भी बुराई को न देख अच्छाई का पाठ पढ़ने वाले अनुभवी मूर्त भव

चाहे सारी बात बुरी हो लेकिन उसमें भी एक दो अच्छाई जरूर होती हैं। पाठ पढ़ाने की अच्छाई तो हर बात में समाई हुई है ही क्योंकि हर बात अनुभवी बनाने के निमित्त बनती है। धीरज का पाठ पढ़ा देती है। दूसरा आवेश कर रहा है और आप उस समय धीरज वा सहनशीलता का पाठ पढ़ रहे हो, इसलिए कहते हैं जो हो रहा है वह अच्छा और जो होना है वह और अच्छा। अच्छाई उठाने की सिर्फ बुद्धि चाहिए। बुराई को न देख अच्छाई उठा लो तो नम्बरवन बन जायेंगे।

स्लोगन:-
सदा प्रसन्नचित रहना है तो साइलेन्स की शक्ति से बुराई को अच्छाई में परिवर्तन करो।