23.02.2021

"मीठे बच्चे - बुद्धि में स्थाई एक बाप की ही याद रहे तो यह भी अहो सौभाग्य है''

प्रश्नः-

जिन बच्चों को सर्विस का शौक होगा उनकी निशानी क्या होगी?

उत्तर:-

वह मुख से ज्ञान सुनाने बिगर रह नहीं सकते। वह रूहानी सेवा में अपनी हड्डी-हड्डी स्वाहा कर देंगे। उन्हें रूहानी नॉलेज सुनाने में बहुत खुशी होगी। खुशी में ही नाचते रहेंगे। वह अपने से बड़ों का बहुत रिगार्ड रखेंगे, उनसे सीखते रहेंगे।

वरदान:-

"निराकार सो साकार'' - इस मन्त्र की स्मृति से सेवा का पार्ट बजाने वाले रूहानी सेवाधारी भव

जैसे बाप निराकार सो साकार बन सेवा का पार्ट बजाते हैं ऐसे बच्चों को भी इस मन्त्र का यन्त्र स्मृति में रख सेवा का पार्ट बजाना है। यह साकार सृष्टि, साकार शरीर स्टेज है। स्टेज आधार है, पार्टधारी आधारमूर्त हैं, मालिक हैं। इस स्मृति से न्यारे बनकर पार्ट बजाओ तो सेन्स के साथ इसेंसफुल, रूहानी सेवाधारी बन जायेंगे।

स्लोगन:-

साक्षी बन हर खेल को देखने वाले ही साक्षी दृष्टा हैं।