23-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - संगमयुग तकदीरवान बनने का युग है, इसमें तुम जितना चाहो उतना अपने भाग्य का सितारा चमका सकते हो''

Q- अपने पुरूषार्थ को तीव्र करने का सहज साधन क्या है?

A- फालो फादर करते चलो तो पुरूषार्थ तीव्र हो जायेगा। बाप को ही देखो, मदर तो गुप्त है। फालो फादर करने से बाप समान ऊंच बनेंगे इसलिए एक्यूरेट फालो करते रहो।

Q- बाप किन बच्चों को बुद्धू समझते हैं?

A- जिन्हें बाप के मिलने की भी खुशी नहीं - वह बुद्धू हुए ना। ऐसा बाप जो विश्व का मालिक बनाता, उसका बच्चा बनने के बाद भी खुशी न रहे तो बुद्धू ही कहेंगे ना।

D- 1) सुखधाम के वर्से का पूरा अधिकार लेने के लिए संगम पर रूहानी जादूगर बन बाप को भी अपना बच्चा बना लेना है। पूरा-पूरा बलिहार जाना है।-----2) स्वदर्शन चक्रधारी बन स्वयं को लकी सितारा बनाना है। विहंग मार्ग की सर्विस के निमित्त बन ऊंच पद लेना है। गांव-गांव में सर्विस करनी है। साथ-साथ याद का चार्ट भी जरूर रखना है।

V- देह और देह के दुनिया की स्मृति से ऊंचा रहने वाले सर्व बंधनों से मुक्त फरिश्ता भव-----जिसका कोई भी देह और देहधारियों से रिश्ता अर्थात् मन का लगाव नहीं है वही फरिश्ता है। फरिश्तों के पांव सदा ही धरनी से ऊंचे रहते हैं। धरनी से ऊंचा अर्थात् देह-भान की स्मृति से ऊंचा। जो देह और देह की दुनिया की स्मृति से ऊंचा रहते हैं वही सर्व बन्धनों से मुक्त फरिश्ता बनते हैं। ऐसे फरिश्ते ही डबल लाइट स्थिति का अनुभव करते हैं।

S- वाणी के साथ चलन और चेहरे से बाप समान गुण दिखाई दें तब प्रत्यक्षता होगी।